अंडा उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अंडों की बिक्री से जुड़े नए नियम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब अंडों की बिक्री भी अन्य पैक्ड फूड आइटम की तरह की जाएगी और इसके लिए पैकेट पर कई अहम जानकारियां दर्ज करना अनिवार्य होगा।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यशाला का आयोजन
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से बुधवार को बरेली के सिटी प्वाइंट कॉन्फ्रेंस हॉल में एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अंडा उत्पादकों, थोक विक्रेताओं और वितरकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत अंडों की पैकिंग और बिक्री से जुड़े नए प्रावधानों की जानकारी दी गई।
पैक्ड फूड की तरह होगी अंडों की बिक्री
सहायक आयुक्त खाद्य अपूर्व श्रीवास्तव ने बताया कि अब अंडों को बाजार में बिना निर्धारित मानकों के बेचना संभव नहीं होगा। अंडों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और पैकिंग विनियम 2011 के अनुसार पैक करना अनिवार्य किया गया है। यह नियम निर्माता, उत्पादक और वितरक सभी पर लागू होगा।
पैकेट पर क्या-क्या लिखना होगा
नए नियमों के अनुसार अंडों के पैकेट पर विक्रेता या उत्पादक का पूरा पता, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, कुल अंडों की संख्या, खुदरा बिक्री मूल्य, कोड या लॉट नंबर, उत्पादन या पैकिंग की तारीख और उपयोग या समाप्ति तिथि (एक्सपायरी या यूज बाय डेट) दर्ज करना जरूरी होगा।
इसके अलावा पैकिंग पर खाद्य एलर्जन से संबंधित जानकारी, पैक खोलने के बाद भंडारण की शर्तें और कस्टमर केयर नंबर का उल्लेख भी अनिवार्य किया गया है।
नियमों के पालन के लिए छह महीने का समय
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को इन नियमों के पालन के लिए छह माह की अवधि दी है। तय समय के बाद यदि कोई विक्रेता या उत्पादक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ एफएसएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कारोबारियों को दी गई तकनीकी जानकारी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल ने अंडों की पैकिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध पैकिंग सामग्री और प्रदर्श पैनल पर दर्ज की जाने वाली जानकारियों के बारे में भी कारोबारियों को अवगत कराया।
कार्यशाला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीके राय, सुशील सचान, अनिल प्रताप सिंह, तेज बहादुर सिंह, कमलेश कुमार शुक्ला, आरपी वर्मा और हिमांशु सिंह ने उपस्थित कारोबारियों की शंकाओं का समाधान किया।
अंडा कारोबारियों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप
कार्यशाला में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अंडा कारोबारी शामिल हुए। उनकी सुविधा के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसके जरिए कारोबारियों को समय-समय पर नई जानकारियां और दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे।



