‘कांग्रेस के जुबान पर राम, मन में वार’ — VB-G RAM G विधेयक पर संसद में हंगामा, शिवराज सिंह चौहान का विपक्ष पर तीखा हमला

ग्रामीण रोजगार से जुड़े VB-G RAM G विधेयक के लोकसभा से पारित होते ही संसद का माहौल गरमा गया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के विरोध को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया और कहा कि सदन में हुआ हंगामा संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।

विपक्ष के रवैये पर शिवराज की प्रतिक्रिया

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोकतंत्र संवाद और चर्चा से चलता है, न कि शोर-शराबे से। उन्होंने विपक्ष पर संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम से गहरी पीड़ा हुई है।

उन्होंने कहा, “संसद लोकतंत्र का मंदिर है, लेकिन आज इसे भीड़तंत्र में बदलने की कोशिश की गई।”

स्थायी समिति को भेजने की मांग पर विवाद

विपक्षी सांसदों की मांग थी कि VB-G RAM G विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा जाए। हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ध्वनि मत के माध्यम से विधेयक को पारित कर दिया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

विरोध के दौरान कुछ सांसद महात्मा गांधी की तस्वीरें लेकर वेल में पहुंचे और विधेयक की प्रतियां फाड़ दीं, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

‘यह बापू के आदर्शों के खिलाफ है’

कृषि मंत्री ने विपक्ष के व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए कहा कि यह महात्मा गांधी के सिद्धांतों और संसदीय परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि आज सदन में जो कुछ भी हुआ, उससे लोकतंत्र की मर्यादा को नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि देश में पहले भी कई ग्रामीण विकास योजनाएं लागू की गईं, लेकिन किसी योजना का नाम किसी परिवार विशेष के नाम पर नहीं रखा गया।

नए कानून पर सरकार का पक्ष

VB-G RAM G विधेयक का बचाव करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कानून ग्रामीण और कमजोर वर्गों के हित में लाया गया है। उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत अब 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून में कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

फंडिंग को लेकर उठे सवाल

विपक्ष द्वारा राज्यों पर बढ़ते वित्तीय बोझ को लेकर उठाए गए सवालों पर मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अब भी बड़ी जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने बताया कि कुल 1.51 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च में से 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि केंद्र सरकार वहन करेगी।

प्रियंका गांधी का विरोध जारी

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विपक्ष इस विधेयक का लगातार विरोध करता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक ग्रामीण रोजगार गारंटी को कमजोर करता है और राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डालता है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि मनरेगा सबसे गरीब लोगों का सहारा है और इस कानून से उसी व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।

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